Avtar Singh Paintal (H)

24 सितंबर 1925 में भारतीय चिकित्सा वैज्ञानिक अवतार सिंह पेंटाल का जन्म वर्मा में हुआ, वह एक मेधावी छात्र रहे और उन्होने लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज से शरीर विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की । पेंटाल ने एडिनबर्ग विश्वविद्यालय स्काटलैंड से चिकित्सा के क्षेत्र में पीएचडी पूरी की । उन्होने तंत्रिका विज्ञान और श्वसन विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी खोज की थी। वह पहले भारतीय चिकित्सा वैज्ञानिक थे जो रॉयल सोसाइटी, लंदन के फेलो बने । 1959 में अवतार सिंह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली से जुड़े और 1964 में उनको वल्लभ भाई चेस्ट इंस्टीट्यूट का निदेशक नियुक्त किया गया । विज्ञान की दुनिया में उनका प्रमुख योगदान व्यक्तिगत संवेदी रिसेप्टर्स से अभिवाही आवेगों को रिकॉर्ड करने के लिए एकल-फाइबर तकनीक का विकास है। पेंटाल ने एट्रियल बी रिसेप्टर्स, फुफ्फुसीय जे-रिसेप्टर्स, वेंट्रिकुलर दबाव रिसेप्टर्स, पेट खिंचाव रिसेप्टर्स और मांसपेशियों में दर्द रिसेप्टर्स सहित कई संवेदी रिसेप्टर्स की खोज की। उन्होंने शारीरिक समझ में नए युग की शुरुआत निर्धारित की है। डॉक्टर पेंटल की खोज से हृदय और फेफड़ों के रोगियों में रोग की पहचान करने में मदद मिलती है ।