Satellite-Based Mountain Hazard Assessment (H)

अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो, उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को उपग्रह आधारित पर्वतीय जोखिम आकलन में सहयोग करेगा । हाल ही में इसके लिए यूएसडीएमए ने इसरो के भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान आईआईआरएस के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए । इस समझौते के अनुसार आईआईआरएस उत्तराखंड में ग्लेशियर लेक, ग्लेशियर, भूस्खलन और हिमस्खलन जोखिम क्षेत्रों की सैटेलाइट्स के माध्यम निगरानी करेगा । इस पहल से अब प्राकृतिक आपदा जोखिम वाले इस राज्य में समय रहते आपदाओं के बारे में जानकारी मिल सकेगी और ऐसी आपदाओं से ज्यादा बेहतर तरह से निपटा जा सकेगा । एक अनुमान के मुताबिक़ उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में 1 हज़ार से अधिक ग्लेशियर और 12 सौ से ज्यादा छोटी और बड़ी ग्लेशियर लेक्स हैं । ग़ौरतलब है कि सिर्फ़ उत्तराखंड में इस साल ही मौसम संबंधी आपदाओं में 298 लोगों की जान गई और 66 लोग लापता हो गए । आईआईआरएस द्वारा प्रदान किया गया तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण विभिन्न आपदाओं और अन्य चुनौतियों से निपटने में फायदेमंद साबित होगा।

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