New Geospatial Guidelines (H)

किसी भी राष्ट्र की प्रगति और बुनियादी संरचनाओं के विकास के लिए सटीक भू-स्थानिक आंकड़े और मानचित्र अहम होते हैं। आज तेजी से बदल रही आवश्यक्ताओं को देखते हुए व्यापक स्तर पर कुशल मैपिंग की उपलब्धता ज़रूरी हो जाती है । इसी लिए अब भारत सरकार ने भू-स्थानिक आंकड़ों के प्रयोग और उत्पादन को नियंत्रित करने वाली नीतियों में उदारीकरण की घोषणा की है। इस पहल से अब सार्वजनिक और निजी संस्थाओं के लिए भी इस क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।