IndiGen: Genomics for Public Health in India (H)

भारत में विश्व की आबादी का छठा भाग रहता है। आबादी के आकार, मिश्रित जनसंख्या आधारित इतिहास और विशेष सामाजिक संरचना के कारण भारत में जेनेटिक अध्ययन की अनेक संभावनाएं हैं। देश में कई जातीय या वंश समूह ऐसे हैं जिनमें अंतर्विवाह प्रचलित है। इस कारण वंश आधारित बीमारियों की संभावना ज्यादा रहती है। ऐसे में जीनोमिक्स यानी जीन संबंधी अध्ययन कई आनुवंशिक बीमारियों से लड़ने में बड़ी मदद कर सकता है। ‘इंडिजेन : स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम’ में यह दिखाया गया है कि कैसे भारत की महत्वकांक्षी इंडीजेन परियोजना दुर्लभ आनुवंशिक बीमारियों से लड़ने में निर्णायक साबित हो सकती है।