DST-INAE (H)

भारत,दुनिया में तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है। भारतीय उद्योगों के विकास में इंजीनियरिंग की भूमिका सबसे अहम है। औद्योगिक क्षेत्र के कुल कारखानों का 27 प्रतिशत हिस्सा भारत का इंजीनियरिंग उद्योग है। ऑटोमोटिव, औद्योगिक वस्तुओं और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ, इंजीनियरों की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नीति निर्माताओं को समय पर समाधान उपलब्ध करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय अभियांत्रिकी अकादमी की स्थापना की गई। अकादमी देश के विकास के लिए जरूरी भविष्य की योजनाओं, इंजीनियरिंग और तकनीकी इनपुट के लिए एक मंच प्रदान करती है और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक साथ लाती है। यह देश की एकमात्र इंजीनियरिंग अकादमी है। भारतीय राष्ट्रीय अभियांत्रिकी अकादमीअंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काउंसिल ऑफ अकैडमीज़ ऑफइंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजिकल साइंसेज में भारत का प्रतिनिधित्व करता है,जिसमें विज्ञान और प्रौद्योगिकी की उन्नति में योगदान देने और सभी देशों के लगातार आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दुनिया भर के 30 देशों की सदस्य अकादमियां शामिल हैं। अकादमी उन भारतीय और विदेशी नागरिकों को सम्मानित करती है, जो इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के नए क्षेत्रों में विशिष्ट प्रतिष्ठा रखते हैं, तथा अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए समकक्ष समितियों द्वारा चुने जाते हैं। अकादमी की फैलोशिप के लिए चुनाव केवल निमंत्रण द्वारा होता है। भारतीय राष्ट्रीय अभियांत्रिकी अकादमी का मिशन इंजीनियरिंग क्षेत्र में अपने सदस्यों के बीच सूचनाओं का प्रसार, ज्ञान और सूचना का प्रोत्साहन, उसका पोषण और विस्तार तथा पत्रिकाओं के संस्मरणों और अन्य प्रकाशनों को प्रकाशित करना एवं बैठकें, व्याख्यान एवं संगोष्ठियों का आयोजन करना है।