Cyber Physical Systems (H)

(CPS) यानी साइबर फिजिकल सिस्टम्स पर बनी डॉक्यूमेंट्री वास्तविक जीवन के उदाहरणों से जानकारी देती है, कि कैसे भारत एक ऊर्जा से भरे वातावरण में कम्प्यूटेशन और भौतिक प्रक्रियाओं को एकीकृत करने वाले इंजीनियर सिस्टम के एक नए वर्ग को विकसित करने में एक बड़ी ताकत के रूप में उभर रहा है। इस कार्यक्रम में हम ऐसे संचालकों से मिलते हैं जो सरकार की ओर से इस प्रौद्योगिक बढ़त को आकार दे रहे हैं और संचालित कर रहे हैं। इसे गहराई से समझने के लिए हम आईआईटी, दिल्ली और भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु के शोधकर्ताओं मिलते हैं, ये शोधकर्ता अपने शोध और प्रौद्योगिकियों के एकीकरण के माध्यम से सीपीएस मिशन के महत्व को समझाते हैं, जिसमें साइबरनेटिक्स, मेक्ट्रोनिक्स, डिजाइन और एंबेडेड सिस्टम, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), बिग डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कई अन्य क्षेत्र शामिल हैं । CPS सिस्टम बुद्धिपरक, स्वायत्त और सक्षम हैं। इनकी मदद से कृषि, जल, ऊर्जा, परिवहन, बुनियादी ढाँचे, सुरक्षा, स्वास्थ्य और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में नवाचारों के फलने—फूलने की उम्मीद की जा सकती है। इसी प्रकार, ये प्रौद्योगिकी में भविष्य के आदर्श हैं, जो हमारे देश को गति और तीव्र विकास प्रदान कर सकते हैं।