Chemical Disasters (H)

भोपाल त्रासदी के रूप में दुनिया की सबसे बड़ी रासायनिक त्रासदी का दंश भारत ने सहन किया है, जिसने उद्योगों में रसायनों के इस्तमाल पर सवालिया निशान लगा दिया, लेकिन औद्योगिक विकास के इस दौर में रसायनों का प्रयोग रोकना नामुमकिन है, भारत के वैज्ञानिक और आपदा प्रबंधन संस्थान रासायनिक आपदा जोखिम को कम करने में लगातार प्रयासरत हैं, रसायनों के इस्तमाल को लेकर नियमावली तैयार की गई हैं, कई ऐसे उद्योग हैं जो नवीन तकनीकों का इस्तमाल कर जोखिम को कम कर रहे हैं, संयंत्रों में आपातकाल सुविधाएं उपलब्ध हैं साथ ही आफ़ साइट इमरजेंसी के लिए भी इमरजेंसी कंट्रोल सिस्टम विकसित किया गया ।

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