Basmati Story: From farm to fork to forex (H)

बासमती: फ्रोम, टू फोर्क टू फॉरेक्स! बासमती चावल जिसे सुगंधित मोती भी कहा जाता है, यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए काफी अनूठा है, क्योंकि इससे भारत की आय में काफी वृद्धि होती है। आज देश बासमती चावल का सबसे बड़ा निर्यातक है। देश से हर साल औसतन 35,000 करोड़ रुपये के बासमती चावल का निर्यात होता है। आज बासमती न सिर्फ हमारे खानपान का हिस्सा है बल्कि ये विदेशी मुद्रा भी अर्जित कर रहा है। देखिए कि कैसे भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली में वैज्ञानिकों ने भारतीय धान की विशिष्ट किस्म तैयार करने में महारत हासिल की। भारत के प्रमुख बासमती प्रजनक, IARI के निदेशक डॉ. ए के सिंह, धान की कटाई के मौसम में कैसे हमें इन सब चीजों के बारे में बताते हैं। साथ ही देखिए कि पूसा डीकम्पोजर तकनीक से कवक के कॉकटेल का उपयोग करके, फसलों के अपशिष्ट जलाने की समस्या से कैसे निपटा जा रहा है। धान को कैसे मेगा राइस मिलिंग प्लांट में प्रसंस्कृत किया जाता है, और मिलिए दुनिया के सबसे बड़े बासमती मिलर और निर्यातक आशीष मित्तल से जो अत्याधुनिक राइस मिलिंग युनिट में हर साल 12 लाख टन बासमती को प्रसंस्कृत करते हैं। निस्संदेह भारत आज दुनिया में बासमती का बेताज बादशाह है।